ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जारिफ भारत के अपने दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंच गए हैं। उन्‍होंने कहा कि भारत, ईरान का सबसे महत्‍वपूर्ण साझेदार रहा है। फिर चाहे वो आर्थिक मामले हों, राजनीतिक या फिर क्षेत्रीय मसले। हम भारत के साथ विभिन्‍न मुद्दों पर लगातार बात करते रहते हैं। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा, 'मैं इस क्षेत्र के हाल के घटनाक्रमों के साथ-साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों पर अपने समकक्ष के साथ परामर्श करने के लिए आया हूं। यहां वह विदेश मंत्री सुषषमा स्वराज से ईरान से तेल आयात पर अमेरिकी रोक समाप्त होने के प्रभाव के बारे में बातचीत करेंगे। इसके साथ ही इससे निपटने के उपायों पर भी चर्चा करेंगे। यह जानकारी अधिकृत सूत्रों ने दी है।

अमेरिका-ईरान संघर्ष पर ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि दुर्भाग्य से संयुक्त राज्य अमेरिका अनावश्यक रूप से स्थिति को बढ़ा रहा है। हम स्थिति को और खराब करना नहीं चाहते हैं, लेकिन हमने हमेशा खुद का बचाव किया है।

 

 

सूत्रों ने कहा कि वार्ता में यह मुद्दा प्रमुखता से उठने की उम्मीद है। दो मई को प्रतिबंध समाप्त होने के बाद भारत ने कहा कि वह तीन तथ्यों के आधार पर मुद्दे से निपटेगा। ये तीन तथ्य देश की ऊर्जा सुरक्षा, वाणिज्यिक विचार और आर्थिक हित हैं।

 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि भारत, अमेरिकी फैसले के प्रभाव से निपटने के लिए तैयार है।

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