• शाह का कल कोलकाता में रोड शो था, इस दौरान हिंसा भड़की और कार्यक्रम बीच में ही रोकना पड़ा
  • भाजपा का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला, आज तृणमूल नेता मिलेंगे

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला। ममता ने कहा कि क्या अमित शाह भगवान हैं, जो उनके खिलाफ प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। मंगलवार को कोलकाता में शाह के रोड शो के दौरान हंगामा हो गया था। शाह जिस वाहन पर सवार थे, उस पर डंडे फेंके गए। रोड शो पर कुछ लोगों ने पत्थर फेंके और आगजनी भी की गई। पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके बाद शाह ने रोड शो खत्म कर दिया।

ममता ने कहा, ‘‘वे (भाजपा) असंस्कारी हैं, इसलिए उन्होंने विद्यासागर की मूर्ति तोड़ी। वे बाहरी हैं। क्या शाह कलकत्ता विश्वविद्यालय की विरासत के बारे में जानते हैं? क्या वे जानते हैं कि कौन सी महान हस्तियों ने यहां पढ़ाई की? इस तरह के हमले के लिए उन्हें शर्म आनी चाहिए।’’

आज चुनाव आयोग से मिलेगा तृणमूल प्रतिनिधिमंडल
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कोलकाता में शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े-बड़े कटआउट लगाए गए हैं। भाजपा यहां काफी पैसा खर्च कर रही है। चुनाव आयोग उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं करता? इस बीच बंगाल में भड़की हिंसा को लेकर तृणमूल नेताओं का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को चुनाव आयोग से मिलेगा।

भाजपा की चुनाव आयोग से अपील- ममता को प्रचार से रोकें
भाजपा ने चुनाव आयोग से अपील की है कि ममता को पश्चिम बंगाल में प्रचार से रोकना चाहिए। भाजपा का आरोप है कि राज्य में संवैधानिक तंत्र खत्म हो गया है। शाह के रोड शो में हिंसा होने के बाद मंगलवार को केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और मुख्तार अब्बास नकवी की अगुआई में भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की थी। भाजपा ने आयोग से बंगाल के मामले में तुरंत दखल देने की अपील की, ताकि वहां निष्पक्ष चुनाव कराए जा सकें। 

ममता का आरोप- भाजपा ने हिंसा की योजना बनाई
ममता ने हिंसा का आरोप भाजपा पर लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने पहले से ही हिंसा की योजना बनाई थी। उन्होंने बाहर से गुंडे बुलवाकर कोलकाता यूनिवर्सिटी कैम्पस में हमला किया।’’ पुलिस के मुताबिक, ''कलकत्ता यूनिवर्सिटी के सामने तृणमूल छात्र परिषद और लेफ्ट विंग के कार्यकर्ताओं ने शाह के खिलाफ नारे लगाए और काले झंडे दिखाए। साथ ही उनके काफिले पर पत्थरबाजी की गई। इसके बाद भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी हॉस्टल के गेट बंद कर दिए और पत्थरबाजी की। इस दौरान कुछ लोगों ने विद्यासागर कॉलेज में लगी इश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति को भी तोड़ दिया।'

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