चुनाव आयोग ने ट्विटर से कहा है कि वह एग्जिट पोल से संबंधित सभी ट्वीट को हटा दे। आयोग ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि उसे इस बारे में कई शिकायतें मिली हैं। सूत्रों ने हालांकि शिकायत के बारे में नहीं बताया। उन्होंने इतना बताया कि किसी यूजर ने एग्जिट पोल संबंधी ट्वीट किया था जिसे बाद में डिलीट कर लिया गया था। 

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एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'आयोग ने ऐसा कोई सामान्य आदेश जारी नहीं किया है।' केवल एक मामला हमारे पास आया था जिसे कि यूजर ने खुद ही हटा लिया। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब एक दिन पहले ही तीन मीडिया हाउस को कथित तौर पर लोकसभा परिणाम की भविष्यवाणी करने वाला सर्वे प्रकाशित करने की वजह से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।  

लोक अधिनियम का प्रतिनिधित्व की धारा 126ए के तहत कोई भी व्यक्ति एग्जिट पोल आयोजित नहीं करेगा और प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से उसके नतीजों को प्रकाशित या प्रचारित नहीं करेगा। इस धारा के अनुसार यदि कोई भी व्यक्ति इन प्रावधानों का उल्लंघन करता है तो उसे अधिकतम दो साल की सजा या जुर्माना या फिर दोनों मिल सकती हैं।

लोकसभा के सातवें और आखिरी चरण के लिए 19 मई को चुनाव होने हैं। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव खत्म होने के आधे घंटे बाद एग्जिट पोल आने शुरू होंगे। पहले चुनाव शुरू होने से पहले एग्जिट पोल आने शुरू हो जाते थे। जिससे कि माना जाता था कि मतदाता पर प्रभाव पड़ता है। इसी कारण चुनाव के दौरान या उससे पहले इनके प्रसारण या प्रकाशन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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