प. बंगाल में हुई हिंसा से सियासी माहौल अचानक गरमा गया है। हिंसा के लिए भाजपा और तृणमूल एक-दूसरे को दोषी ठहराने में जुटे हैं। इस बीच, तमाम विपक्षी दल इस मसले पर प. बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को समर्थन देते हुए चुनाव आयोग और भाजपा पर हमलावर हो रहे हैं।

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तृणमूल कांग्रेस और भाजपा ने प. बंगाल में हिंसा और ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। सत्तारूढ़ तृणमूल व माकपा ने अलग-अलग रैलियां निकालीं तो भाजपा ने तृणमूल समर्थकों के कथित हमलों के विरोध में हेलमेट रैली निकाली। भाजपा ने दिल्ली में जंतर-मंतर समेत कई शहरों में धरना दिया। कोलकाता में देर शाम तृणमूल ने ममता के नेतृत्व में रैली निकाली। ब्यूरो/एजेंसी

शाह पर केस
विद्यासागर कॉलेज के छात्रों ने अमित शाह के खिलाफ महानगर के आर्महर्स्ट स्ट्रीट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।

ममता को विपक्षी नेताओें का साथ 
अखिलेश यादव, सपा अध्यक्षः चुनाव आयोग ने अलोकतांत्रिक फैसला किया है। भाजपा हार के डर से बंगाल में अराजकता फैला रही है। 
चंद्रबाबू नायडू, सीएम, आंध्रप्रदेशः पहले भाजपा ने सीबीआई, आईटी और ईडी से बंगाल की सरकार गिराने की कोशिश की, अब सीधे हिंसा पर उतर आई है।  
अरविंद केजरीवाल, सीएम, दिल्लीः इसी विचारधारा ने गांधी की हत्या की। मोदी-शाह की इस हिंसा का उचित उत्तर बंगाल के लोग देंगे।
सीताराम येचुरी, महासचिव, माकपाः चुनाव आयोग ने रात 10 बजे प्रचार क्यों रोकने को कहा। क्या, पीएम नरेंद्र मोदी को रैली करने देने के लिए?

शाह बोले- गुंडागर्दी के जरिए भाजपा को डराना चाहती हैं दीदी
नई दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भाजपा नेताओं की रैलियां देश के सभी राज्यों में हो रही हैं, लेकिन हिंसा सिर्फ पश्चिम बंगाल में क्यों हो रही है? शाह ने कहा कि पंचायत चुनाव में 60 राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या, लोकसभा चुनाव में गुंडगर्दी के जरिए टीएमसी मुखिया भाजपा को डराना चाहती हैं। हालांकि वह खून और हिंसा का जितना कीचड़ फैलाएंगी, कमल उतना ही बड़ा खिलेगा।

शाह ने हिंसा की तस्वीरें दिखाते हुए कहा, चुनाव आयोग ने पार्टी की सही शिकायतों का संज्ञान नहीं लिया। ईश्वरचंद्र की मूर्ति कैंपस के अंदर थी। भाजपा कार्यकर्ता दो गेट का ताला तोड़ते हुए मूर्ति तक कैसे पहुंच सकते थे? इसकी जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो। ममता को जांच की चुनौती स्वीकार करनी चाहिए

 

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