• लोकसभा चुनाव के इतिहास में इस बार सबसे ज्यादा 67.11% मतदान हुआ
  • उत्तर प्रदेश, बंगाल और ओडिशा पर नजर, बंगाल में मतदान के सातों चरण में हिंसा हुई
  • 542 लोकसभा सीटों के साथ ही 4 राज्यों के विधानसभा चुनाव के भी नतीजे

नई दिल्ली. 17वीं लोकसभा के चुनाव के लिए वोटों की गिनती थोड़ी देर में शुरू होने वाली है। 11 अप्रैल से 19 मई तक सात चरणों की वोटिंग प्रक्रिया के दौरान 67.11% मतदान हुआ। लोकसभा चुनाव के इतिहास में यह सबसे ज्यादा है। इस बार 10 में से 9 एग्जिट पोल्स में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलने के अनुमान जाहिर किए गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीत का भरोसा जाहिर किया था। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और तेदेपा प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने मोदी विरोधी दलों के नेताओं से मुलाकात का सिलसिला शुरू कर दिया था।

वोटों की इस तरह गिनती होगी

  • चुनाव आयोग हर लोकसभा सीट के तहत आने वाले हर विधानसभा क्षेत्र के 5 मतदान केंद्रों की ईवीएम का मिलान वीवीपैट (वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल) की पर्चियों से करेगा। इस वजह से इस बार आधिकारिक नतीजों के ऐलान में 4 से 6 घंटे की देरी हो सकती है। 
  • न्यूज एजेंसी के मुताबिक, देशभर के 10.3 लाख मतदान केंद्रों में से 20,600 बूथ पर ईवीएम-वीवीपैट का मिलान होगा।
  • अगर वीवीपैट पर्चियों का मिलान नहीं हो पाता है तो पर्चियोें में दर्ज वोटों की गिनती होगी और उसी गिनती के आधार पर मिले नतीजों को सही माना जाएगा। 
  • मौजूदा प्रक्रिया यह है कि वीवीपैट पर्चियों का ईवीएम से मिलान सबसे आखिर में ही किया जाता है।
  • पोस्टल बैलट की गिनती सबसे पहले होती है। इस बार डाक मतपत्रों की संख्या देशभर में महज 16.49 लाख रही है।

चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों की मांग खारिज की
22 विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से मांग की थी कि अगर हर विधानसभा क्षेत्र के 5 पोलिंग स्टेशनों में से एक पर भी ईवीएम-वीवीपैट मिलान में गड़बड़ी पाई जाती है, तो उस क्षेत्र के सभी पोलिंग स्टेशनों पर 100% वीवीपैट वेरिफिकेशन कराया जाए। विपक्षी दलों ने यह भी कहा था कि वीवीपैट मिलान की प्रक्रिया वोटों की गिनती से पहले हो, ना कि उसके बाद। हालांकि, चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों की यह मांग खारिज कर दी। 

चुनाव प्रचार: मोदी ने 50 दिन में 142 रैलियां कीं, राहुल ने 67 दिन में 129 रैलियां कीं 
मोदी का फोकस बंगाल पर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 50 दिन के लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान में 142 रैलियां कीं। इस दौरान उनका ज्यादा फोकस उत्तरप्रदेश, बंगाल और ओडिशा की 143 सीटों पर रहा। यहां मोदी ने 54 यानी 40% जनसभाएं कीं। 
 

राहुल ने बिहार-यूपी में मेहनत की: राहुल गांधी ने 67 दिन में 129 रैलियां कीं। सबसे ज्यादा 18 रैलियां उन्होंने मध्यप्रदेश में और 17 रैलियां उत्तर प्रदेश में कीं। राहुल बिहार में 7 बार रैलियों के लिए गए, जबकि यहां उनकी पार्टी 40 में से केवल 9 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

मुद्दे: राष्ट्रवाद-एयर स्ट्राइक बनाम न्याय योजना और राफेल-जीएसटी

 

  • नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, एयर स्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक और मजबूत सरकार जैसे मुद्दों पर बात की। 
  • राहुल गांधी ने नोटबंदी, जीएसटी, राफेल सौदे पर बयान दिए और रैलियां कीं। राहुल ने ‘‘चौकीदार चोर है’’ जुमले को जोर-शोर से उछाला। कांग्रेस अध्यक्ष ने न्याय योजना और किसान योजना का भी जिक्र चुनावी रैलियों में किया।

 

 

 

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