• चौथी मंजिल से कूदे 11 बच्चों को लोगों ने नीचे कैच करके बचाया, लेकिन 1 बच्चे को नहीं बचा पाए
  • घटना के समय आर्ट सेंटर में 40 से 45 बच्चे मौजूद थे; जो नीचे की ओर भागे, वे बच गए

सूरत. गुजरात की आर्थिक राजधानी सूरत में शुक्रवार को एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में आग लगने से 21 बच्चों की मौत हो गई। 20 बच्चे जिंदा जल गए और एक बच्चे की कूदने से मौत हुई है। मरने वालों में 18 लड़कियां और 3 लड़के शामिल हैं। सभी की उम्र 15 से 22 साल के बीच थी। 11 बच्चे गंभीर रूप से घायल हैं। घटना के समय आर्ट्स कोचिंग में 40 से 45 बच्चे थे।

शॉर्ट सर्किट से लगी आग

चार मंजिला कॉम्प्लेक्स में शॉर्ट सर्किट से दोपहर बाद साढ़े तीन बजे आग लगी। कॉम्प्लेक्स में दूसरी और तीसरी मंजिल पर आर्ट क्लासेस चलती हैं। आग ग्राउंड फ्लोर से शुरू हुई। आग देखकर आर्ट क्लास के बच्चे ऊपर की ओर भागे और वहीं फंस गए। फायर ब्रिगेड के आने तक आग बेकाबू हो गई। इसलिए बच्चों ने जान बचाने के लिए चौथी मंजिल से कूदना शुरू कर दिया। नीचे जमा स्थानीय लोगों ने कूद रहे बच्चों को कैच करना शुरू किया, ताकि बच्चों के सिर पर सीधी चोट न आए। इस तरह लोगों ने 11 बच्चों को बचा लिया। जबकि, एक बच्चे को नहीं बचाया जा सका। जो 20 बच्चे नहीं कूद पाए, उनकी झुलसकर जान चली गई। 


ऊपरी मंजिल तक नहीं पहुंच पाईं दमकल की सीढ़ियां
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल की गाड़ियां आग लगने के आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचीं। लेकिन, उस वक्त उनके पास जरूरी उपकरण नहीं थे, जिनके जरिए आग में फंसे बच्चों को बाहर निकाला जा सके। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि जिस वक्त बच्चे इमारत से छलांग लगा रहे थे, उस वक्त दमकल सामने खड़ी थीं। लेकिन, उनकी सीढ़ियां ऊपरी मंजिल तक नहीं पहुंच पाईं।

सीएम ने हादसे की रिपोर्ट मांगी
गुजरात के सीएम मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने हादसे पर दुख जाहिर किया। उन्होंने बच्चों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया और कहा कि एक दिन के भीतर हादसे की जांच रिपोर्ट पेश की जाए। रुपाणी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बात की है। नड्डा ने एम्स ट्रामा सेंटर के निदेश को हर मदद के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली एम्स में भी डॉक्टरों की एक टीम को अलर्ट रखा गया है।

कॉम्प्लेक्स की चौथी मंजिल अवैध रूप से बनी
प्रशासन के अनुसार, तक्षशिला नाम का यह कॉम्प्लेक्स कागजों में तीन मंजिला है। इसमें जिम, फैशन डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट, नर्सिंग होम समेत कई शॉपिंग सेंटर्स हैं। इसकी चौथी मंजिल अवैध है। ऐसी रिपोर्ट्स के बाद गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि, देर रात तक लापरवाही के लिए किसी को आरोपी नहीं ठहराया गया था। आग साढ़े तीन बजे लगी थी। 10 मिनट बाद फायर ब्रिगेड पहुंच गई थी, लेकिन पानी भरने उन्हें दोबारा 20 किमी दूर भेजा गया।

गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज
हादसे में 21 की मौत होने के बाद देर रात सरथाणा पुलिस ने तीन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज हुआ है। आरोपियों में हरसुल वेकरिया उर्फ एचके, जिज्ञेश सवजी पाघडाल और भार्गव बूूटाणी शामिल हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि हरसुल और जिज्ञेश ने बिल्डर से पूरी मंजिल खरीदी थी। उसके बाद अवैध निर्माण करवाया था। जबकि, भार्गव बूटाणी ड्राइंग क्लासेस का संचालक है। धारा 304 और 308 के तहत मामला दर्ज हुआ है।

एफएसएल की मदद से की जाएगी जांच : कलेक्टर

कलेक्टर डॉ. धवन पटेल ने बताया कि अधिकारिक तौर पर 19 लोगों की मौत हुई है। आग लगने का कारण क्या है? और किसी लापरवाही थी ? इस मुद्दे पर विस्तृत जांच की जाएगी। जांच में एफएसएल की भी मदद ली जाएगी। जांच के लिए विशेष कमेटी बनाई गई है, जिसका नेतृत्व अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी पुरी करेंगे।