• राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश कर सकते हैं 
  • राहुल संदेश देना चाहते हैं कि पार्टी के बुरे प्रदर्शन के लिए वे भी जिम्मेदार हैं
  • 2014 में कांग्रेस ने 44 सीटें जीती थीं, इस बार पार्टी को 8 सीटों का फायदा

 लगातार दूसरी बार लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक जारी है। सोनिया-राहुल गांधी, मनमोहन सिंह, मोतीलाल वोरा, गुलाम नबी आजाद और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेता मौजूद हैं। माना जा रहा है कि हार की जिम्मेदारी स्वीकारते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पद से इस्तीफा की पेशकश कर सकते हैं। हालांकि, बैठक में किस एजेंडे पर चर्चा होनी है, इसकी अधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाएगा और पार्टी उनके नेतृत्व में काम करने का भरोसा जताएगी।

इस्तीफे की पेशकश से राहुल यह संदेश देना चाहते हैं कि पार्टी के 2014 जैसे बुरे प्रदर्शन के लिए वे भी जिम्मेदार हैं। 2014 में कांग्रेस ने 44 सीटें जीती थीं, इस बार पार्टी को आठ सीटों का फायदा हुआ। माना जा रहा कि बैठक में पार्टी लोकसभा चुनाव में मिली हार पर चर्चा हो सकती है। खासकर मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में, जहां पार्टी ने पांच महीने पहले ही विधानसभा चुनाव जीते थे। इसके अलावा कर्नाटक विधानसभा चुनाव में हुई हार पर भी मंथन हो सकता है। यहां कांग्रेस सत्ता में थी, लेकिन इस बार भाजपा ने 28 में से 25 सीटों पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस को सिर्फ एक सीट पर संतोष करना पड़ा। 

तीन राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों ने इस्तीफा सौंपा
इस बीच न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कर्नाटक, उत्तरप्रदेश और ओडिशा में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्षों ने हार की जिम्मेदारी को लेते हुए इस्तीफा दे दिया है।