1. त्रिपुरा में भाजपा समर्थक की विपक्षी सीपीएम कार्यकर्ताओं ने हत्या की

  2. बंगाल के नादिया में तृणमूल छोड़ भाजपा में शामिल हुए कार्यकर्ता को घर से बाहर बुलाकर गोली मारी

  3. त्रिपुरा सीएम ने कहा- कानून तोड़ा तो बख्शेंगे नहीं, बंगाल भाजपा बोली- तृणमूल को उसी की भाषा में जवाब देंगे

कोलकाता/अगरतला. लोकसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद बंगाल और त्रिपुरा में शुरु हुआ हिंसा का दौर थमा नहीं है। पिछले 3 दिनों से दोनों राज्यों के कई शहरों में हिंसक घटनाएं हो रही हैं। इस दौरान दो भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई। दोनों राज्यों में झड़प के दौरान करीब 150 लोग घायल हुए। बंगाल भाजपा ने तृणमूल समर्थकों पर हिंसा का आरोप लगाते हुए कहा कि हम जवाब देने के लिए जैसे को तैसा वाली नीति अपनाएंगे। इधर, त्रिपुरा सीएम बिप्लव कुमार देव ने कहा कि चुनाव नतीजे सामने आने के बाद हिंसा फैलाने का चलन वाम दल लेकर आए हैं। लेकिन, हम चेतावनी देते हैं कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।


बंगाल में 25 साल के भाजपा कार्यकर्ता की हत्या
पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में शुक्रवार रात अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर भाजपा कार्यकर्ता की हत्या कर दी। घटना शुक्रवार रात को चकदाह इलाके में हुई। 25 साल के संतु घोष कुछ दिन पहले ही तृणमूल का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। भाजपा नेताओं ने ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर यह हत्या करवाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद बैरकपुर सीट के कई शहरों में हिंसा हुई। धमाके में एक व्यक्ति की जान गई। पुलिस के मुताबिक, संतु रात करीब 9 बजे घर लौटे थे। कुछ देर बाद दो लोगों ने उन्हें बाहर बुलाया और गोली मारकर फरार हो गए। 

त्रिपुरा में धारदार हथियारों से भाजपा कार्यकर्ता पर हमला
त्रिपुरा के फटिकछेड़ा में शुक्रवार को विपक्षी दल सीपीएम के समर्थक सदन देबनाथ ने अपने भाइयों के साथ मिलकर भाजपा कार्यकर्ता मिथू और उनके भाई संजीव पर धारदार हथियारों से हमला किया। मिथू की मौत हो गई। संजीव को अगरतला के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक है।

तृणमूल को उसी की भाषा में जवाब देंगे: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने तृणमूल कार्यकर्ताओं पर हिंसा फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तृणमूल के गुंडे विपक्ष के नेताओं और उम्मीदवारों पर लगातार हमला कर रहे हैं। ममता बनर्जी की पार्टी हार स्वीकार नहीं कर पा रही है। उन्हें नतीजों को सही भावना के साथ देखना चाहिए। अगर तृणमूल हिंसा को धमकाने के लिए इस्तेमाल कर रही है और हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला जारी रखे तो हम भी उसी तरह जवाब देंगे।

नतीजों के बाद हिंसा का चलन वाम दलों ने शुरू किया- बिप्लव देव
त्रिपुरा सीएम बिप्लव देव ने कहा- मैंने सत्ताधारी भाजपा कार्यकर्ताओं और विपक्षी सीपीएम को स्पष्ट कर दिया है कि किसी तरह की हिंसा में शामिल ना हों। राज्य सरकार शांति और व्यवस्था कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है। यह किसी भी राजनीति से ऊपर है। वाम दलों ने 1992 से नतीजों के बाद हिंसा फैलाने का चलन शुरू किया है। लेकिन, हम किसी को भी बख्शेंगे नहीं।


त्रिपुरा की 2 सीटों पर भाजपा जीती, बंगाल में 2 से 18 तक पहुंची
बंगाल में इस बार भाजपा को 18 सीटों पर जीत हासिल मिली। वहीं, 2014 में भाजपा को सिर्फ दो पर जीत मिली थी। तृणमूल ने 2014 में 34 सीटें जीती थीं। इस बार उसे 22 पर जीत मिली। वहीं त्रिपुरा की दोनों लोकसभा सीट इस बार भाजपा ने जीती हैं। पिछली बार ये सीटें सीपीएम के पास गई थीं।

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