• राजीव कुमार 1989 बैच के अधिकारी, उन पर सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप

  • अधिकारियों के मुताबिक सभी एयरपोर्ट अलर्ट पर, कुमार को देश छोड़ने से रोकने की कोशिश

  • एजेंसी कुमार से कस्टडी में पूछताछ करना चाहती है, एसआईटी के प्रमुख थे कुमार

 

नई दिल्ली. सीबीआई ने कोलकाता के पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। जांच एजेंसी कुमार को कस्टडी में लेकर पूछताछ करना चाहती है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि सभी एयरपोर्ट्स को अलर्ट पर रखा गया है। सीबीआई को शक है कि कुमार देश छोड़कर जा सकते हैं। ऐसे में इमिग्रेशन एजेंसियों को सतर्क रहने को कहा गया है।

राजीव कुमार 1989 बैच के अधिकारी हैं। करीब 2,500 करोड़ रुपए के शारदा चिट फंड घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। इसके प्रमुख आईपीएस राजीव कुमार थे। उन पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ का आरोप है, जबकि कुमार ने इन तमाम आरोपों को नकार दिया है।

जांच से जुड़े कुछ अहम दस्तावेज गायब होने की आशंका

शारदा चिटफंड घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन 2013 में किया गया था। घोटाले की जांच से जुड़ी कुछ अहम फाइलों और दस्तावेजों के गायब होने की आशंका है। जांच एजेंसी इसी सिलसिले में पुलिस कमिश्नर से पूछताछ करना चाहती है। सीबीआई ने कुमार पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का भी आरोप लगाया था। इस पर कुमार और प.बंगाल के मुख्य सचिव और डीजीपी ने हलफनामे में कहा था कि जांच एजेंसी के आरोप निराधार हैं। 

कुमार के लिए धरने पर बैठी थीं ममता
सीबीआई की टीम 3 फरवरी को कुमार के घर पूछताछ के लिए पहुंची थी। इस दौरान पुलिस ने सीबीआई अफसरों को हिरासत में ले लिया था। ममता, सीबीआई की कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठी थीं। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने राजीव कुमार को सीबीआई के सामने पेश होने और ईमानदारी से जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था।

2460 करोड़ का शारदा चिटफंड घोटाला
शारदा ग्रुप से जुड़े प.बंगाल के कथित चिटफंड घोटाले के 2,460 करोड़ रुपए तक होने का अनुमान है। प.बंगाल पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच रिपोर्ट में भी यह खुलासा हुआ कि 80 फीसदी जमाकर्ताओं को भुगतान होना बाकी है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, शारदा ग्रुप की चार कंपनियों का इस्तेमाल तीन स्कीमों के जरिए पैसा इधर-उधर करने में किया गया। ये तीन स्कीम थीं- फिक्स्ड डिपॉजिट, रिकरिंग डिपॉजिट और मंथली इनकम डिपॉजिट।

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