जिला आबकारी अधिकारी रामनगर के सीओ एसएचओ व आबकारी निरीक्षक सहित 15 को निलंबित कर दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि दुकानदार नकली शराब बनाकर बेचता था।

 

 

 मंगलवार को उप्र के बाराबंकी में जहरीली शराब पीने से 16 की मौत हो गई। वहीं 44 लोग गंभीर हैं। मरने वालों एक ही परिवार के चार लोग शामिल हैं। हालांकि प्रशासन 12 लोगों के मरने की ही आधिकारिक पुष्टि कर रहा है। पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं। आरोपितों पर रासुका लगाने की तैयारी की जा रही है। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।

यह शराब अलग-अलग गांव के ग्रामीणों ने रामनगर क्षेत्र के एक सरकारी देशी शराब की दुकान से खरीद कर पी थी। ऐसे में पीने वाले व मरने वालों के बारे में सही आकलन करना मुश्किल हो रहा है। वहीं, पूरे मामले में जिला आबकारी अधिकारी, रामनगर के सीओ, एसएचओ व आबकारी निरीक्षक सहित 15 को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही दोषियों की गिरफ्तारी के लिए प्रशासन ने तीन टीमें गठित की हैं।

 

मामले में पुलिस ने शराब की दुकान के अनुज्ञापी (लाइसेंस धारक) दानवीर सिंह निवासी बहराइच समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सेल्समैन सुनील कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपित दानवीर सिंह और पप्पू जायसवाल पर 20-20 हजार की इनाम घोषित किया गया है। सोमवार को रानीगंज ठेके से शराब खरीदकर पीने वालों की तबीयत रात से ही खराब होने लगी थी। हालात बिगड़ने पर सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) सूरतगंज, फतेहपुर व रामनगर ले जाया गया। जहां से जिला अस्पताल और फिर लखनऊ रेफर किया गया, लेकिन सीएचसी से लखनऊ तक मौतों का सिलसिला जारी रहा

 

 

अफसरों की संलिप्तता की भी जांच

जांच समिति इस घटना में आबकारी विभाग, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की संलिप्तता की जांच भी करेगी। इसके अलावा जहरीली शराब की आपूर्ति का स्रोत क्या है? इसके लिए कौन जवाबदेह है? इससे पहले दिए गए आदेशों के अनुपालन में क्या शिथिलता बरती गई? इसका भी उल्लेख होगा। साथ ही समिति ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सुझाव भी देगी।

 

घटना की जांच के लिए कमिश्नर, आईजी अयोध्या और आयुक्त आबकारी की जांच समिति बनाई गई है, 48 घंटे में रिपोर्ट देगी। कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि 16 को KGMU रेफर किया गया है। बाद मेें पीडि़तोंं का आंकड़ा बढ़ गया। लोहिया और बलरामपुर अस्पताल में भी पीड़ित लोगों के इलाज की व्यवस्था की गई है।

 

 

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