बसपा से गठबंधन को लेकर कई मौकों पर नाराजगी जता चुके सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा चुनाव में मिली हार के लिए पार्टी पदाधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए जमकर फटकार लगाई।

 

 

बसपा से गठबंधन को लेकर कई मौकों पर नाराजगी जता चुके सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा चुनाव में मिली हार के लिए पार्टी पदाधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए जमकर फटकार लगाई। मुलायम ने कहा कि पदाधिकारी लापरवाह रहे और जनता की नब्ज नहीं पकड़ सके। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी पार्टी के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों से हार के कारणों की पूरी रिपोर्ट मांगी है।

लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सपा मुख्यालय पहुंचे मुलायम सिंह यादव सोमवार को खासे नाराज नजर आए। पार्टी कार्यालय में सपा नेताओं और पदाधिकारियों से उन्होंने दो टूक पूछा कि बताओ, पार्टी कैसे हार गई। बैठक में मौजूद लोगों के मुताबिक मुलायम के अधिकतर सवालों पर पार्टी के नेता बगलें झांकते रहे। एक-दो लोगों ने हार के कुछ तर्क गिनाए भी तो उन्हें खरी-खरी सुननी पड़ी। कन्नौज में डिंपल यादव, फीरोजाबाद में अक्षय यादव और बदायूं में धर्मेंद्र यादव की हार से भी मुलायम आहत दिखे। उन्होंने पार्टी नेताओं को उलाहना दिया कि तुम लोग तो घर की सीटें भी नहीं बचा पाए।

 

 

पार्टी नेताओं के मुताबिक मुलायम की नाराजगी केवल नतीजों के लिए नहीं, गठबंधन को लेकर भी थी। बैठक में भी यह चर्चा बनी रही हार की बुनियाद गठबंधन में सीटों के बंटवारे के समय से ही पड़ गई थी। सपा नेताओं का कहना था कि चुनाव में जिन सीटों पर जीतने की उम्मीद थी, उनमें से कई सीटें बंटवारे में बसपा के पास चली गईं, जबकि सपा के खाते में ऐसी सीटें आ गईं, जहां पार्टी ने कभी जीत हासिल नहीं की थी। बैठक के बाद दबी जुबान से पार्टी पदाधिकारी यह भी कहते सुने गए कि बसपा ने हमारा इस्तेमाल कर सीटें बढ़ा लीं लेकिन हम इसे समय रहते समझ नहीं पाए।

 

 

पार्टी नए सिरे से कसना चाहते अखिलेश

 

सपा के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक चुनाव में हार के बाद अखिलेश यादव पार्टी को फिर उसी तरह सभी वर्गों का संतुलन साधकर मजबूत करना चाहते हैैं, जैसा कभी मुलायम सिंह यादव के समय पार्टी हुआ करती थी। पार्टी के पास तब हर वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाले चेहरे थे और इन चेहरों की समाज में भी स्वीकार्यता थी। अखिलेश ने इस चुनाव में हार के लिए भी पार्टी के पुराने नेताओं से फीडबैक लिया है।

बड़े बदलाव की तैयारी

सपा में अब संगठनात्मक तौर पर बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है। सोमवार को भी प्रदेश अध्यक्ष से लेकर जिलाध्यक्षों तक को हटाने व फ्रंटल संगठनों को भंग किए जाने की चर्चा तेज रही। बताया जा रहा है कि समाजवादी युवजन सभा, समाजवादी छात्रसभा, समाजवादी लोहिया वाहिनी और मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के साथ ही संगठन की कई इकाइयों का नये सिरे से गठन करने पर विचार शुरू हो रहा है। पार्टी कार्यालय में अखिलेश यादव द्वारा पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह को बुलाने और नया दायित्व सौंपे जाने की भी सुगबुगाहट रही। हालांकि सपा प्रवक्ताओं ने इससे इंकार किया है लेकिन, अखिलेश द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने के बाद कई लोगों पर कार्रवाई को तय माना जा रहा है। चुनाव नतीजे आने के बाद अखिलेश ने पार्टी के सभी मीडिया पैनलिस्ट को भी हटा दिया था।

 

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