बिना पैन लिए एक साल में 2.5 लाख रुपये से ज्यादा का वित्तीय ट्रांजेक्शन करने वाले सभी व्यक्तिगत और गैर व्यतिकगत श्रेणी (Non-individual entities) को 31 मई से पहले पैन कार्ड का आवेदन करना होगा। आयकर विभाग ने पहले से ही इसके लिए समय-सीमा को जारी कर दिया था। ऐसा नहीं करने पर विभाग ने जुर्माने का प्रावधान भी किया है।

इनको करना होगा आवेदन

आयकर कानून के सेक्शन 139ए के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष में किसी कंपनी, ट्रस्ट, एलएलपी, हिंदु अविभाजित परिवार (एचयूएफ) आदि हैं और जो भारत में बिना पैन के कारोबार कर रही हैं एवं जिनका वार्षिक टर्नओवर 2.5 लाख रुपये से ज्यादा का है उनको 31 मई से पहले इसके लिए आवेदन करना होगा। 

निदेशक, पार्टनर के लिए भी है जरूरी

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने 5 दिसंबर 2018 को इस बारे में नोटिफिकेशन जारी किया था। इस नोटिफिकेशन में 31 मई आखिरी तारीख रखी गई थी। नोटिफिकेशन के मुताबिक इन कंपनियों, ट्रस्ट आदि के निदेशक, पार्टनर, ट्रस्टी, संस्थापक, कर्ता और सीईओ के पास अगर पैन कार्ड नहीं है, तो उन्हें भी इसके लिए आवेदन करना होगा। आईटीआर नहीं भरने वाली कंपनियों को पैन कार्ड के लिए आवेदन करना होगा। 

10 हजार का जुर्माना

आयकर एक्सपर्ट सीए अतुल कुमार गर्ग ने बताया कि अगर ऐसा नहीं किया गया, तो सीबीडीटी ऐसी कंपनियों व व्यक्तियों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। आयकर कानून के नियम 114बी के अनुसार अगर लोग या फिर कंपनियां वाहनों की खरीद-फरोख्त करती हैं, बैंक में एफडी के अलावा अन्य कोई खाता खोलती हैं, डीमैट खाता खोलती हैं, म्यूचुअल फंड में निवेश करती हैं या फिर अचल संपत्ति की खरीद-फरोख्त करती हैं, तो फिर उनको पैन कार्ड के लिए आवेदन करना जरूरी होगा। 

 

हिंदी समाचार के लिए आप हमे फेसबुक पर भी ज्वाइन कर सकते है