1. मैच का प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर दोपहर 3 बजे से होगा
  2. दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन चोट के कारण इस मुकाबले में नहीं खेल पाएंगे

खेल डेस्क. वनडे वर्ल्ड कप का पहला मुकाबला इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच गुरुवार को लंदन के ओवल में खेला जाएगा। इस बार इंग्लैंड की टीम खिताब की तगड़ी दावेदार मानी जा रही है। पिछले एक साल की बात करें तो उसने 25 में 17 वनडे में जीत हासिल की है, जबकि 5 में उसे हार का सामना करना पड़ा है। तीन मैच के नतीजे नहीं निकले। इस दौरान उसने घरेलू मैदान पर 13 वनडे खेले। इनमें से उसने 11 में जीत हासिल की और एक मैच हारा। एक मैच बेनतीजा रहा था।

दक्षिण अफ्रीका का भी रिकॉर्ड बेहतर है। उसने पिछले एक साल में 21 में से 16 वनडे जीते हैं, जबकि 5 में उसे हार मिली है। इस दौरान विदेश में भी उसका प्रदर्शन बेहतर रहा है। उसने 8 में से 5 वनडे में जीत हासिल की है। हालांकि, इस मैदान पर उसका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है।

ओवल में दक्षिण अफ्रीका ने 9 में से तीन मैच ही जीते
दक्षिण अफ्रीका ने ओवल में अब तक 9 वनडे खेले हैं। इनमें से उसने 3 में जीत हासिल की है, जबकि 6 में हार झेलनी पड़ी है। उसने इस मैदान पर वर्ल्ड कप का अब तक एक मैच 22 मई 1999 खेला था। तब उसने इंग्लैंड को 122 रन से हराया था।

पिच का मिजाज : वर्ल्ड कप के पहले मुकाबले के दौरान आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। हल्की बारिश भी हो सकती है। इस कारण गेंदबाजों को सामान्य से कम स्विंग मिल सकती है। टॉस जीतने वाली टीम के गेंदबाजी चुनने की संभावना ज्यादा है। इस मैदान पर पिछले 5 में से 3 वनडे में 300 से ज्यादा का स्कोर बना है।

इंग्लैंड की ताकत

जॉनी बेयरस्टो : इंग्लैंड का यह ओपनर अपनी टीम को अच्छी शुरुआत देने में सक्षम है। उन्होंने पिछले एक साल में 21 वनडे खेले। इसमें उन्होंने 46.21 के औसत से 878 रन बनाए। इसमें उनके 3 शतक भी शामिल हैं। हाल ही में आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा था। वहां उन्होंने 10 मैच में 55.62 के औसत से 445 रन बनाए थे।

जोफ्रा आर्चर : 24 साल के जोफ्रा इंग्लैंड के लिए अब तक 3 वनडे ही खेल पाए हैं। इसमें उन्होंने 3 विकेट लिए हैं। आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा था। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए जोफ्रा ने 11 मैच में 11 विकेट लिए थे। उन्होंने 33.50 के औसत से रन भी बनाए थे।


इंग्लैंड की कमजोरी 
गेंदबाजी में अनुभव की कमी : इंग्लैंड की टीम दक्षिण अफ्रीका की तरह हर विभाग में मजबूत है, लेकिन गेंदबाजी में अनुभव की कमी इस बड़े टूर्नामेंट में उसके लिए चिंता का कारण बन सकती है। मार्क वुड ने 40, आदिल रशीद ने 87, लियम प्लंकेट ने 81, टॉम करन ने 17, क्रिस वोक्स ने 87 और आर्चर ने सिर्फ तीन वनडे खेले हैं।


दक्षिण अफ्रीका की ताकत

क्विंटन डीकॉक : क्विंटन डीकॉक अब तक 106 वनडे खेल चुके हैं। इसमें उन्होंने 45.56 के औसत से 4602 रन बनाए हैं। उन्होंने पिछले एक साल के दौरान 16 वनडे में 46.37 के औसत से 742 रन बनाए। इसमें उनका एक शतक भी शामिल है। डीकॉक ने आईपीएल में 35.26 के औसत से 529 रन बनाए थे। वे टॉप-5 स्कोरर में तीसरे नंबर पर थे।

इमरान ताहिर : वर्ल्ड कप के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी। हालांकि, उन्हें अब तक 98 वनडे ही खेलने को मिले हैं। इसमें उन्होंने 4.62 के इकॉनमी से 162 विकेट लिए हैं। आईपीएल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में वे पहले नंबर पर रहे थे। उन्होंने 6.69 के इकॉनमी से 26 विकेट लिए थे।

दक्षिण अफ्रीका की कमजोरी 
डेल स्टेन का चोटिल होना : अपना तीसरा वर्ल्ड कप खेल रहे दक्षिण अफ्रीका के इस तेज गेंदबाज की पुरानी चोट उभर आई है। इस कारण वे इंग्लैंड के खिलाफ नहीं खेल पाएंगे। उनकी मौजूदा फॉर्म अच्छी है। ऐसे में उनका प्लेइंग-11 से बाहर टीम के लिए झटका है।

दोनों टीमें :
इंग्लैंड : इयॉन मॉर्गन (कप्तान), जेसन रॉय, जॉनी बेयरस्टो, जो रूट, बेन स्टोक्स, जोस बटलर (विकेटकीपर), मोइन अली, क्रिस वोक्स, लियम प्लंकेट, जोफ्रा आर्चर, आदिल रशीद, टॉम करन, मार्क वुड, जेम्स विंस, लियम डॉसन। 

दक्षिण अफ्रीका : फाफ डुप्लेसिस (कप्तान), हाशिम अमला, क्विंटन डीकॉक (विकेटकीपर), रसी वान डर डुसेन, जेपी डुमिनी, डेविड मिलर, एंडिले फेहलुकवायो, ड्वाइन प्रीटोरियस, कगिसो रबाडा, लुंगी एंगिडी, इमरान ताहिर, एडेन मार्कराम, तबरेज शम्सी, क्रिस मॉरिस।

 

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