• प्रज्ञा ने संस्कृत में शपथ ली, उन्होंने अपने नाम के आगे स्वामी पूर्ण चेतनानंद अवधेशानंद गिरि जोड़ा
  • भोपाल से सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि यह उनका पूरा नाम है और शपथ फॉर्म में भी इसका जिक्र है

नई दिल्ली. 17वीं लोकसभा के पहले दिन सोमवार को नवनिर्वाचित सासंदों के साथ भोपाल से सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने भी शपथ ली। शपथ के दौरान उनके नाम को लेकर विवाद हो गया। प्रज्ञा ने नाम के आगे आध्यात्मिक गुरु का नाम जोड़ा। इस पर विपक्षी सांसदों ने विरोध जताया और नारेबाजी की। प्रज्ञा ने संस्कृत में शपथ ली और भारत माता की जय के नारे के साथ इसे खत्म किया। प्रज्ञा ने मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल से चुनाव जीता।

प्रज्ञा ठाकुर ने शपथ के दौरान अपने नाम के आगे स्वामी पूर्ण चेतनानंद अवधेशानंद गिरि जोड़ा। इस पर विरोध जताते हुए विपक्षी सांसदों ने कहा कि इसकी अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। विपक्षी सांसदों के विरोध जताने पर प्रज्ञा ने कहा कि यह उनका पूरा नाम है और उन्होंने इसका जिक्र शपथ लेने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म में किया है।

आयोग द्वारा जारी सर्टिफिकेट में दिया गया नाम ही जारी रहेगा- प्रोटेम स्पीकर

भाजपा सांसदों ने भी प्रज्ञा का समर्थन किया। सदन में गतिरोध को देखते हुए प्रोटेम स्पीकर वीरेंद्र कुमार ने लोकसभा सेक्रेटरी जनरल से प्रज्ञा का पूरा नाम पूछा। वीरेंद्र कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा जारी सर्टिफिकेट में दिया गया नाम ही आगे जारी रहेगा।