पेड़ों पर लगा क्यूआर कोड (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social Media

केरल में राज्य सरकार एक ऐसे गार्डन को विकसित कर रही है जो पूरी तरह से डिजिटल होगा। यहां पेड़ों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिसे स्कैन करते ही आपको पेड़ से जुड़ी सभी जानकारी मिल जाएगी। 

यह गार्डन केरल के राजभवन में स्थित है जिसे कनककुन्नु नाम से जाना जाता है। 12 एकड़ में फैले इस गार्डन में 126 प्रजाति के पेड़ हैं जिन्हें डिजिटल जानकारी से लैस किया जा रहा है। 

हालांकि इस योजना के प्राथमिक स्तर पर गार्डन में मौजूद हजारों पेड़ों में से केवल 600 पेड़ों पर ही क्यूआर कोड लगाए गए हैं। बाकी बचे पेड़ों पर भी जल्द क्विक रिस्पांस यानी क्यूआर कोड लगा दिया जाएगा। इस कार्य में केरल विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग भी सहयोग कर रहा है।

दिल्ली के लोधी गार्डन में भी है ऐसी व्यवस्था

दिल्ली के लुटियंस जोन स्थित प्रसिद्ध लोधी गार्डन में भी लगभग 100 पेड़ों पर क्यूआर कोड लगाया गया है। जिससे लोगों को पेड़ की महत्ता के बारे में लोगों को जानकारी दी जा रही है। जिन पेड़ों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं, उनमें से कई पेड़ 100 साल से भी ज्यादा पुराने हैं।

कई देशों में पेड़ों पर कोड लगाना है अनिवार्य

अमेरिका और जापान जैसे देशों में पेड़ों पर क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य है। जिससे वहां के लोगों को पेड़ की विशेषताओं की जानकारी अपने फोन पर कोड को स्कैन करने पर मिल जाती है। इससे पेड़ों के प्रति लोगों में जागरूकता भी देखने को मिली है।