प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 समिट की शुरुआत द्विपक्षीय मामलों पर व्यापक चर्चा के साथ की, जिसमें मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना और जापान के सहयोग से वाराणसी में बन रहे कन्वेंशन सेंटर 'रुद्राक्ष' पर अपने पुराने दोस्त जापान के पीएम शिंजो आबे के साथ चर्चा की। 

जापान ने भारत को पहली बुलेट ट्रेन के लिए 79,000 करोड़ रुपये का ऋण दिया है। जापान के साथ किए गए सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक का लॉन्च 2022 लॉन्च में होगा। इसी तरह, जापान ने भारत को वाराणसी और क्योटो के बीच समझौते के हिस्से के रूप में एक विश्व स्तरीय कन्वेंशन सेंटर के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये दिए हैं। पीएम मोदी और शिंजो आबे ने 2015 में एक साथ वाराणसी का दौरा किया था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जापान के अपने समकक्ष शिंजो आबे से बृहस्पतिवार को मुलाकात कर साझा हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। जापान में रीवा युग की शुरुआत के बाद से दोनों नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात है

मोदी ने अपने साथ जी-20 सम्मेलन में हिस्सा लेने जापान पहुंचे भारतीय प्रतिनिधिमंडल के गर्मजोशी से स्वागत के लिये आबे का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने जी-20 के अध्यक्ष के रूप में जापान के नेतृत्व की भी प्रशंसा की।

जापान के पीएम शिंजो आबे ने एक बार फिर चुनावों में भारी जीत के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई दी। साथ ही, उन्होंने कहा कि अगली बार भारत आने की मेरी बारी है और मैं अपनी यात्रा की प्रतीक्षा कर रहा हूं। जी 20 शिखर सम्मेलन 27 से 29 जून तक यहां आयोजित हो रहा है। यूरोपीय यूनियन समेत 19 देश इसमें हिस्सा ले रहे हैं। इस बार शिखर सम्मेलन का विषय ' ह्यूमन सेंट्रड फ्यूचर सोसायटी' है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के मुबारक बाद देने के बाद धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि वह भारत के पहले दोस्त है जिन्होंने फोन पर मुझे सबसे पहले मुबारकबाद दी थी। उन्होंने कहा कि मैं आपका और जापान सरकार के गर्मजोशी से स्वागत के लिए आभार व्यक्त करता हूं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से मुलाकात की। साझा हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इस साल वार्षिक सम्मेलन के लिये प्रधानमंत्री आबे के भारत दौरे को लेकर उत्सुक हैं।"

प्रधानमंत्री ने आबे और जापान के नागरिकों को रीवा युग की शुरुआत के लिये बधाई दी। रीवा नये युग के लिये इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है। यह दो अक्षरों "री" और "वा" से मिलकर बना है, जिसमें री का अर्थ है "आदेश" या "शुभ" अथवा "अच्छा" और वा का अर्थ होता है "भाईचारा"।