जयपुर के वैशाली नगर थाने में बलात्कार के मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज एक रेप पीड़िता ने खुद को आग के हवाले कर दिया. बाद में उसकी मौत हो गई. रेप पीड़िता का आरोप था कि पुलिस आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और मामला वापस लेने के लिए दबाव बना रही है.

अपने 13 साल के बेटे के साथ थाने पहुंची महिला पहले तो पुलिस वालों पर करवाई करने के लिए दबाव बनाती रही मगर जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो बेटे को थाने से बाहर भेज कर खुद को आग लगा लिया. एसएमएस अस्पताल प्रशासन के अनुसार, वह 75 फीसदी तक झुलस गई थी. उसको बचाने के चक्कर में थाने के कई सिपाही भी घायल हुए हैं. रिटायर्ड आर्मी जवान की पत्नी का आरोप है कि उसके पति के साथ उसका रिश्तेदार रविंद्र सिंह उसके घर आता जाता था और एक बार अपने साथ ले गया और नशीला कोल्ड ड्रिंक पिलाकर अपने दोस्त के क्वार्टर पर बलात्कार किया.

महिला के पति ने आरोप लगाया है कि थाने की डिप्टी एसपी ने उसे थाने में बुलाकर जबरन मामला वापस लेने के लिए और राजीनामे के लिए दबाव बनाया था. पति का आरोप है कि पत्नी हर तीसरे दिन कार्रवाई के लिए थाने जाती थी मगर थाने में उसे गलत गलत साबित कर और बेइज्जत कर वापस भेज दिया जाता था. पीड़िता के पति ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद आरोपी मोबाइल पर फोन कर धमकाते थे कि उनकी पहुंच  ऊंची है, तुम कुछ बिगाड़ नहीं सकते. धमकी की यह सारी रिकॉर्डिंग जांच अधिकारी को दी गई थी मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.

रविवार शाम पीड़िता अपने 13 साल के बेटे के साथ थाने पहुंची थी. थाने में जब जांच अधिकारी और एसएचओ नहीं मिले तो उसने पुलिस वालों से कार्रवाई के लिए कहा. पुलिस वालों ने कहा कि थाने में कोई नहीं है, तो वह बाहर निकल कर स्कूटी तक पहुंची और फिर बेटे से बोली कि मैं अंदर से आ रही हूं. पीड़िता अंदर गई और खुद को आग लगा लिया.

हिंदी समाचार के लिए आप हमे फेसबुक पर भी ज्वाइन कर सकते है