• पारले देश की सबसे बड़ी बिस्किट कंपनी, 90 साल पुरानी कंपनी से 1 लाख कर्मचारी जुड़े हैं
  • पारले का सालाना रेवेन्यू 9940 करोड़ रुपए, आधे से ज्यादा ग्रामीण इलाकों से आता है
  • कहा- ज्यादा टैक्स की वजह से सभी पैक में बिस्किट घटाने पड़े, इससे बिक्री प्रभावित हो रही

 

मुंबई. देश की सबसे बड़ी बिस्किट निर्माता कंपनी पारले मंदी की वजह से 10 हजार कर्मचारियों को निकाल सकती है। कंपनी के कैटेग्री हेड मयंक शाह ने बुधवार को न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि बिस्किट की बिक्री खासकर ग्रामीण इलाकों में घटने की वजह से कंपनी प्रोडक्शन में कटौती कर सकती है। ऐसा होने पर कर्मचारियों की छंटनी के आसार हैं।

सरकार को जीएसटी घटाना चाहिए: शाह

  1.  

    शाह ने कहा कि 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से पारले-जी जैसे मशहूर बिस्किट की बिक्री 7-8% घट गई है। 5 रुपए वाले पैक पर भी काफी ज्यादा जीएसटी लग रहा है। इस वजह से कंपनी को सभी पैक में बिस्किट की संख्या घटानी पड़ी। इससे ग्रामीण इलाकों में मांग घट गई। पारले का आधे से ज्यादा रेवेन्यू वहीं से आता है। टैक्स को लेकर पिछले साल सरकार से बात भी की थी। बिस्किट पर 18% जीएसटी लग रहा है।

     

  2.  

    शाह का कहना है कि कीमतों को लेकर ग्राहक बहुत ज्यादा सेंसेटिव हैं। वे देखते हैं कि उन्हें कितने बिस्किट मिल रहे हैं। बिक्री के हालात काफी खराब हैं। सरकार जल्द दखल नहीं देगी तो हमें मजबूरन कर्मचारियों की संख्या घटानी पड़ेगी।

     

  3.  

    90 साल पुरानी पारले कंपनी के 10 प्लांट अपने और 125 कॉन्ट्रैक्ट वाले हैं। इनसे 1 लाख कर्मचारी जुड़े हुए हैं। कंपनी का सालाना रेवेन्यू 1.4 अरब डॉलर (9,940 करोड़ रुपए) है।

     

  4.  

    पारले मंदी से परेशान अकेली कंपनी नहीं है। इसकी प्रमुख कॉम्पिटीटर ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के एमडी वरुण बेरी ने भी पिछले दिनों कहा था कि लोग 5 रुपए की वस्तु खरीदने से पहले भी दो बार सोच रहे हैं। निश्चित ही अर्थव्यवस्था की स्थिति गंभीर है।

     

  5.  

    मार्केट रिसर्च फर्म नील्सन ने पिछले महीने कहा था कि इकोनॉमिक स्लोडाउन की वजह से कंज्यूमर गुड्स इंडस्ट्री ठंडी पड़ गई है क्योंकि ग्रामीण इलाकों में खपत घट गई।

     

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    इकोनॉमिक स्लोडाउन की वजह से ऑटो सेक्टर में भी हजारों लोगों की नौकरी जा चुकी है। लाखों नौकरियों पर खतरा बना हुआ है। यात्री वाहनों की बिक्री जुलाई में 31% घट गई। यह 19 साल में सबसे ज्यादा है।