स्वामी चिन्मयानंद पर बलात्कार का सनसनीखेज आरोप लगाने वाली लॉ की छात्रा ने सीनियर बीजेपी नेता की शुक्रवार की हुई गिरफ्तारी के बाद अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वे विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच से संतुष्ट नहीं हैं।

पीड़ित छात्रा ने कहा- “मैं एसआईटी जांच से संतुष्ट नहीं हूं। चिन्मयानंद पर जो धाराएं लगाई गई हैं, वह केवल औपचारिकता है। चिन्मयानंद को गिरफ्तार कर मर्सडीज कार में बैठाकर जेल ले जाया गया। उन्हें भी साधारण अपराधी की तरह से ले जाते। आम आदमी की तरह ही उससे व्यवहार किया जाता। मुझे रंगदारी मामले में आरोपी बनाकर मेरे मुकदमे को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। आज चिन्मयानंद को जेल भेजा गया है, वह मीडिया की वजह से ही संभव हो सका है। उत्तर प्रदेश सरकार के कारण ही आज इतनी कार्रवाई हो सकी है।”

 

गौरतलब है कि चिन्मयानंद को कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उधर, चिन्मयानंद ने कहा कि उनके ऊपर जो मालिश और यौन वार्तालाप समेत अधिकतर आरोप लगाए गए हैं वे सही हैं।

मी पर उनके ही कॉलेज में पढ़ने वाली कानून की एक छात्रा ने दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की दो सदस्यीय विशेष पीठ गठित करवा कर पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का निदेर्श दिया था। स्वामी को गिरफ्तार करने वाली एसआईटी टीम का नेतृत्व यूपी पुलिस के महानिरीक्षक नवीन अरोड़ा कर रहे हैं।






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