गंगा यमुना में आई बाढ़ से जूझ रही संगम नगरी का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को हेलीकॉप्टर से निरीक्षण किया। उन्होंने राहत शिविरों में भी पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर प्रशासन द्वारा मुहैया कराई गई सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री भी बांटी। इस दौरान उन्होंने साथ रहे अफसरों से बाढ़ पीड़ितों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न होने का निर्देश दिया।मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री न्यू कैंट हाई स्कूल और मम्फोर्डगंज स्थित सेंट जोसेफ स्कूल गर्ल्स विंग (उमराव सिंह गर्ल्स इंटर कॉलेज) में बने बाढ़ राहत शिविरों में गए। दोनों जगहों पर उन्होंने कमरों में जाकर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनको मिल रही सुविधाओं की बाबत जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को दुलारा और पूछा कि उनको दूध-खाना समय से मिल रहा है या नहीं। 

मुख्यमंत्री ने शिविर में राहत सामग्री भी वितरित की। इसमें आटा, चावल, लाई, घी, फल आदि सामग्री रही। न्यू कैंट में 25 और सेंट जोसेफ में 15 परिवारों को अपने हाथों से राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए दोनों शिविरों में चाक चौबंद व्यवस्था रही। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में नावें चलाई जा रही हैं। बाढ़ में फंसे लोगों को राहत शिविरों में लाया जा रहा है। एक लाख लोग इन शिविरों में रखे गए हैं। उन्हें पानी, खाना, नाश्ता आदि सभी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। 

 

इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ अफसरों के अलावा कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नीलकंठ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा सिंह, सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी, केशरी देवी पटेल, विनोद सोनकर, विधायक हर्षवर्धन बाजपेई आदि मौजूद रहे।

ये दिए निर्देश

- बाढ़ में फंसे अधिक से अधिक लोगों को राहत शिविरों में लाया जाए।
बाढ़ से जूझ रहे लोगों तक आटा, चावल, बिस्किट दूध आदि पहुंचाया जाए।
- जनहानि होने पर 24 घंटे में राहत पहुंचाने और मुआवजा दें। 
- पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए प्रशासन।

दो से तीन दिन में बाढ़ से मिलेगी राहत

बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से दो से तीन दिन में राहत मिलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश और राजस्थान की नदियों के पानी की वजह से यमुना का जल स्तर बढ़ रहा है। लेकिन अब अच्छे संकेत मिल रहे हैं, जल्द ही पानी घटने लगेगा। इसके बाद दो से तीन दिनों में बाढ़ के पानी के निकलने की उम्मीद है। 

राहत में न होने पाए कोई लापरवाही

सीएम ने रवाना होने से पहले पुलिस लाइन हैलीपैड पर ही अफसरों से वार्ता की। उन्होंने मंडलायुक्त और डीएम को राहत कार्य में किसी तरह की कमी न रहने की हिदायत भी दी। उन्होंने कहा कि निर्देशों के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों और शिविरों में लोगों को राहत पहुंच रही है या नहीं, इस पर लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने अफसरों को स्थिति से लगातार अवगत कराते रहने का निर्देश दिया।





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