1. अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु की मंगलकामना के लिए सुहागिनें बृहस्पतिवार को करवाचौथ का व्रत रखेंगी। ज्योतिषियों के मुताबिक चंद्रोदय 8 बजकर 05 मिनट से शुरू होगा। आचार्य प्रदीप ने बताया कि सुबह 5:20 बजे तक तृतीया का मान रहेगा, जिसके बाद चतुर्थी शुरू हो जाएगी।

  2. चतुर्थी अगले दिन शुक्रवार सुबह 5:28 बजे तक रहेगी। इसलिए बृहस्पतिवार को ही महिलाएं निर्जल करवा चौथ का व्रत रखेंगी। रात 8:05 बजे (काशी समय अनुसार 7:59) से चंद्रोदय शुरू हो जाएगा। लखनऊ के समय अनुसार ये 6 मिनट बाद से शुरू होगा। पूरा चांद निकलते-निकलते कुछ और समय लगेगा।

  3. चंद्रोदय होने के चलते दिन भर निर्जल व्रत रहीं महिलाएं उगते चंद्र को अर्घ्य देकर सुहाग की दीर्घायु की मंगलकामना करेंगी। उन्होंने बताया कि चंद्रोदय की एक घड़ी (24 मिनट) के भीतर ही चांद को अर्घ्य देकर और गौरी गणेश का पूजन कर व्रत का पारण कर लेना चाहिए।

  4.  गांव देहातों में कहा जाता है कि करवे की टोटी से ही जाड़ा निकलता है और धीरे-धीरे वातावरण में ठंड बढ़ने लगती है।

  5. धातु के करवा का पूजन उत्तम
    आचार्य प्रदीप ने बताया कि करवा चौथ के पूजन में धातु के करवे का पूजन उत्तम माना गया है। उपलब्धता के अनुसार मिट्टी के करवे से भी पूजन करने का विधान है। उधर, करवा चौथ से पहले शहर के बाजारों में रंग-बिरंगे मिट्टी के करवा, बर्तन की दुकानों पर धातु के करवों की बिक्री तेज हो गई है। सोमवार को डालीगंज, डंडइया, अमीनाबाद, निशातगंज, चिनहट, ठाकुरगंज, चौक बाजारों में खासी रौनक रही।



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