अयोध्या में 26 अक्तूबर को होने वाले भव्य दीपोत्सव और प्रदेश के अन्य शहरों में दिवाली के उपलक्ष्य में होने वाले प्रमुख आयोजनों की सुरक्षा को लेकर इस बार खास सतर्कता बरती जा रही है। आतंकी हमले की आशंका से पुलिस की नींद उड़ी हुई है। नेपाल सीमा के सटे जिलों में से बहराइच को खासतौर पर संवेदनशील माना जा रहा है। नतीजतन, पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार के समस्तीपुर में रेलवे सुरक्षा बल को मिले खुफिया इनपुट और आतंकी नेटवर्क के जरिए लखनऊ में हिन्दूवादी नेता कमलेश तिवारी की नृशंस हत्या की घटना ने दिवाली को लेकर पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। बीते शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के डीएम और पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया था कि अपने-अपने जिले में प्रमुख संगठनों, धर्मगुरुओं और नेताओं की सुरक्षा की समीक्षा जरूर करें। उन्होंने दीपोत्सव को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में निरंतर निगरानी करने और नेपाल में मुस्लिम मुक्ति मोर्चा की गतिविधियां पर नजर रखने का भी निर्देश दिया। खुद मुख्यमंत्री ने नेपाल सीमा से सटे जिलों को अधिकारियों को अलर्ट करते हुए एसएसबी के साथ बेहतर तालमेल बनाने और नेपाली प्रशासन से भी संवाद कायम करने का निर्देश दिया था।

इसके बाद डीजीपी ओपी सिंह ने भी धनतेरस व दिवाली के मौके पर सुरक्षा प्रबंधों के बारे में मंगलवार को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया। मुख्यमंत्री के स्तर से इस तरह के स्पष्ट निर्देशों से प्रशासन व पुलिस पर जबरदस्त दबाव बन गया है। नेपाल के सटे जिलों में जबरदस्त चेकिंग हो रही है। मुख्य मार्गों से शायद ही कोई वाहन बिना चेकिंग गुजर पा रहा हो। एटीएस और एसटीएफ की टीमें अलग से सक्रिय हैं। स्थानीय अभिसूचना इकाइयों (एलआईयू) को शहर के सराय, होटल और ठहरने के अन्य स्थानों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। धार्मिक महत्व के शहरों में मंदिरों, होटलों व धर्मशालाओं की विधिवत चेकिंग भी हो रही है। आईजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार ने कहा कि त्योहारों पर पुलिस को हमेशा अलर्ट किया जाता है।