ईवीएम पर भारतीय जनता पार्टी के चुनाव चिह्न 'कमल' के नीचे भाजपा का नाम लिखे होने पर विपक्ष कर आपत्ति को चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मशीनों पर भाजपा का चिह्न आखिरी बार 2013 में अपडेट हुआ था। तब से कोई बदलाव नहीं किया गया। शनिवार को कांग्रेस, तृणमूल और अन्य दलों ने नेता इस मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा से मिले थे। 

विपक्ष का आरोप है कि बंगाल के बैरकपुर संसदीय क्षेत्र में मॉक ड्रिल के दौरान मशीन पर सिर्फ कमल के नीचे भाजपा लिखा हुआ था, जबकि बाकि किसी दल का नाम चिह्न के साथ मौजूद नहीं था। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी, अहमद पटेल, टीएमसी नेता दिनेश त्रिवेदी और डेरेक ओ ब्रायन के नेतृत्व में विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा से मिला था और आपत्ति दर्ज कराई थी।

चुनाव आयोग से मिलने के बाद कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि ईवीएम बटन में भाजपा चुनाव चिन्ह के साथ पार्टी का नाम भी लिखा हुआ है। कोई भी पार्टी नाम और सिंबल का एक साथ इस्तेमाल नहीं कर सकती है। विपक्ष ने चुनाव आयोग से मांग की कि चुनाव के बाकी बचे चरणों में या तो ऐसे सभी ईवीएम हटा दिए जाएं या फिर बाकी दलों के नाम भी उनके चुनाव चिन्हों के नीचे लिखे जाएं।

विपक्ष की आपत्ति पर चुनाव आयोग ने कहा है कि भाजपा का चिह्न आखिरी बार 2013 में अपडेट किया गया था। तब से अब तक हुए चुनावों में यह वैसा ही है। फिलहाल, ईवीएम में पार्टियों के चुनाव चिह्न के साथ उम्मीदवारों के नाम और फोटो शामिल होते हैं।