रितेश शर्मा,संवाददाता सोनभद्र


सोनभद्र : NTPC में केवल एक पृथ्वी (Only One Earth) थीम के अनुसार विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। एनटीपीसी सिंगरौली शक्तिनगर में आज़ादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत विश्व पर्यावरण दिवस-2022 (World Environment Day) के तहत पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने हेतु विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर आमजन को पर्यावरण संरक्षण संदेश देने हेतु पर्यावरण जागरूकता रैली और विशाल पौधारोपण अभियान का आयोजन किया गया।NTPC सिंगरौली में इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस “केवल एक पृथ्वी (Only Onene Earth)” थीम के अनुसार मनाया गया। इस अवसर पर एनटीपीसी सिंगरौली आवासीय परिसर स्थित अंबेडकर भवन (Ambedkar Bhawan) से चिल्का झील (Chilka Lake) तक पर्यावरण रैली (Environment Rally) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक बसुराज गोस्वामी ने हरी झंडी के साथ रैली एवं विश्व पर्यावरण दिवस का शुभारंभ किया।जागरूकता कार्यक्रम रैली में निवासियों की भारी भागीदारी देखी गई। चिल्का झील में बसुराज गोस्वामी (मुख्य महाप्रबंधक), सोमनाथ सोमनाथ चट्टोपाध्याय (महाप्रबंधक, प्रचालन एवं अनुरक्षण), बिभास घटक (महाप्रबंधक, एफ़जीडी एवं प्रोजेक्ट), गोपाल दत्त (सीआईएसएफ़-कमांडेंट), महाप्रबंधकगण, विभाग प्रमुख , महिलाएं, बच्चे, यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधि एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पौधारोपण किया गया।

आम लोगों के बीच पर्यावरण संरक्षण की संस्कृति को बढ़ावा देने हेतु बच्चों, गृहिणियों, कर्मचारियों, संविदा कर्मचारियों, आसपास के स्थानीय समुदायों के लिए सप्ताह भर विभिन्न प्रतियोगिताएं जैसे नारा लेखन, निबंध लेखन, चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गईं।

NTPC में केवल एक पृथ्वी (Only One Earth) थीम के अनुसार विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया।

NTPC Singrauli मुख्य महाप्रबंधक बसुराज गोस्वामी ने अपने उद्बोधन में पर्यावरण संरक्षण हेतु सभी को सार्थक कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होने आग्रह किया सभी अपने आस -पास पौधरोपण करें। हरित पृथ्वी बनाने एवं सकारात्मक बदलाव लाने के लिए जागरूकता बढ़ाएँ। 

एनटीपीसी सिंगरौली ने पर्यावरण संरक्षण हेतु विभिन्न कदम जैसे SO2 उत्सर्जन के नये मानको के पालन हेतु एफ़जीडी (FGD) सिस्टम की स्थापना कार्य, एसपीएम उत्सर्जन कम करने हेतु ईएसपी का नवीनीकरण, जल संरक्षण के लिए ऐश वाटर रिसायक्लींग सिस्टम, पर्यावरण संरक्षण हेतु डस्ट इक्स्ट्रेशन एण्ड सेपरेशन सिस्टम, 17 लाख से अधिक वृक्षारोपण, राख उपयोग वृद्धि हेतु एनएच के निर्माण एवं ऐश ब्रिक के निर्माण हेतु राख का प्रेषण, पर्यावरण अनुकूल हेतु 35 लाख राख ईंट का निर्माण अनेकों सार्थक कदम उठाए गए है l