• संयुक्त राष्ट्र संघ की 1267 समिति की बैठक में लिया गया फैसला
  • वीटो का इस्तेमाल कर अब तक चार बार चीन ने लगाया अड़ंगा
  • जम्मू-कश्मीर के पुलवामा हमले में था आतंकी मसूद अजहर का हाथ
  • पुलवामा हमले के बाद अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन लाए थे अजहर के खिलाफ प्रस्ताव

भारत को आतंकवाद के मोर्चे पर बड़ी कूटनीतिक कामयाबी मिली है। संसद, उड़ी और पुलवामा समेत कई बड़े आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड और जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया। पहले चार बार मसूद को वैश्विक आतंकी करार देने में 'तकनीकी बाधा' के जरिए अड़ंगा लगाने वाले चीन ने इस बार वीटो का इस्तेमाल नहीं किया।  
पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर आतंकी हमले के बाद फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका ने पाकिस्तान से संचालित जैश के सरगना मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए सुरक्षा परिषद की 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति में प्रस्ताव पेश किया था। 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद के 14 देशों ने इसका समर्थन किया था, लेकिन पाकिस्तान के हिमायती चीन ने 'तकनीकी बाधा' के जरिए प्रस्ताव को रोक दिया था और कहा था कि इस मसले पर विचार के लिए और वक्त चाहिए। 

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अकबरुद्दीन से चीन की तकनीकी बाधा को हटाने जाने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि, हां, डन। प्रतिबंध समिति ने मसूद पर प्रतिबंध लगाने का फैसला सर्वसम्मति से लिया। चीन ने मंगलवार को ही अपने रुख में बदलाव के संकेत दे दिए थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा मसूद को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने का विवादित मुद्दा अच्छी तरह सुलझ जाएगा।