लखनऊ में पांच जगह बनेंगे प्राइवेट बस अड्डे, 165 एकड़ जमीन आरक्षित; जानें कहां-कहां होगा निर्माण?

लखनऊ में पांच जगह बनेंगे प्राइवेट बस अड्डे, 165 एकड़ जमीन आरक्षित; जानें कहां-कहां होगा निर्माण?

लखनऊ में रोडवेज बस अड्डों के समानांतर निजी बस अड्डे जल्द बनेंगे। LDA ने पाँच जगहें चिन्हित की हैं और PPP मॉडल के तहत बस पार्क बनेंगे। विकासकर्ता को 30% क्षेत्र में व्यावसायिक उपयोग की छूट मिलेगी और प्रति बस सर्विस चार्ज लगेगा। DM की अध्यक्षता में कमेटी धनराशि तय करेगी। नई नीति के तहत सड़कों पर खड़ी होने वाली बसों के लिए प्राइवेट बस अड्डे बनाए जाएंगे।

 लखनऊ। राजधानी में रोडवेज बस अड्डों के समानांतर निजी बसों का पार्क जल्द ही आकार लेगा। एलडीए की जमीन पर पांच जगहें चिन्हित कर ली गई हैँ, अन्य स्थानों के लिए आवेदन भी मांगे गए हैं। प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप के तहत निजी बस पार्क बनेंगे।डेवलपर को दो एकड़ भू-भाग में से 30 प्रतिशत क्षेत्र में व्यावसायिक उपयोग की छूट मिलेगी, वहीं हर बस से सर्विस चार्ज वसूला जाएगा, प्रति बस की धनराशि जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी तय करेगी।प्रदेश में सार्वजनिक क्षेत्र व निजी क्षेत्र में निजी निवेश से स्टेज कैरिज बस अड्डा, कांट्रैक्ट कैरिज व आल इंडिया टूरिस्ट बस पार्क (स्थापना एवं विनियमन) नीति 2025 का क्रियान्वयन जिलाधिकारी विशाख जी की अगुवाई में शुरू हो गया है।नीति के अनुसार सड़कों पर खड़ी होने वाली निजी बसों के लिए प्राइवेट बस अड्डे बनाने की जिला प्रशासन अनुमति देगा। इस योजना में लखनऊ विकास प्राधिकरण ने मास्टर प्लान में चिन्हित बस टर्मिनल की भूमि व नगर निगम की भूमि का भी प्रयोग किया जा सकता है। सचिव एलडीए विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि उनके मास्टर प्लान में 165 एकड़ प्राइवेट भूमि बस अड्डे के रूप में चिन्हित की गई है। यह भूमि बसंतकुंज, मोहनलालगंज, मोहान रोड, जुग्गौर व सुलतानपुर रोड पर है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया, प्राधिकरण द्वारा चिन्हित व आरक्षित 165 एकड़ भूमि की जांच संबंधित तहसील से कराकर एलडीए में समस्त स्टेक होल्डर्स की बैठक की जाए। जिसके बाद समिति की बैठक इच्छुक डेवलपर के साथ 20 जून तक आयोजित की जाए। यह भी कहा, नगर निगम/समस्त उप जिलाधिकारी ऐसी भूमि चिन्हित करे जो कि बस अड्डे के रूप में विकसित की जा सके।

तय भूमि की कुल क्षेत्रफल का 70 प्रतिशत भाग खुला स्थान होगा जिसमें बसों के पार्किंग व आवागमन के मार्ग होंगे। 30 प्रतिशत भाग में यात्री सुविधा व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। भूमि या तो आवेदक के स्वामित्व में होगी या आवेदक द्वारा भूमि रजिस्टर्ड लीज के आधार पर न्यूनतम 10 वर्ष के लिए ली जाएगी।

पार्क पर यात्रियों के पहुंचने के मार्ग अलग से बनाए जाएंगे ताकि यात्रियों को आवागमन में असुविधा न हो तथा उनकी सुरक्षा भी हो सके। एआरटीओ प्रशासन प्रदीप कुमार सिंह ने बताया, निजी क्षेत्र में निजी निवेश से स्टेज कैरिज बस अड्डा की स्थापना के लिए आवेदन आमंत्रण व स्थापना संबंधी सभी कार्य डीएम की अध्यक्षता में गठित बस स्टैंड/बस पार्क नियामक प्राधिकारी के द्वारा किया जाएगा।

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